Greater Noida West
Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में भूमाफियाओं और बिल्डरों ने बड़ा खेल खेला है। जिसके बाद अब सीबीआई ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर शत्रु संपत्ति को बेचने और उसकी रजिस्ट्री होने को लेकर की गई है। शत्रु संपत्ति के 3 खसरा नंबर पर 250 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। नियमों के मुताबिक शत्रु संपत्ति की खरीद फरोख्त नहीं की जा सकती है। अब सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद फिर हलचल तेज हुई है।

कहाँ- कहाँ से हुई FIR

मिली जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने शत्रु संपत्ति के मामलों में 4 एफआईआर दर्ज की है, जिसमें से दो प्राथमिकी लखनऊ इकाई में और दो प्राथमिकी गाजियाबाद इकाई में दर्ज की गई हैं। इसमें शाहबेरी इलाके की जमीन का भी मामला शामिल है। शाहबेरी में शत्रु संपत्ति के तीन खसरा नंबर हैं। इसमें करीब 2.3 हेक्टेयर जमीन है। शाहबेरी इलाके में भूमाफिया ने नियमों के विरुद्ध फ्लैट बनाकर बेच दिए। यह इलाका का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र है। बावजूद इसके यहां पर गैर कानूनी तरीके से फ्लैट बना दिए गए। भूमाफिया ने फ्लैट बनाकर बेच दिए। इनकी रजिस्ट्री हो गई। शत्रु संपत्ति को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर सीबीआई और ईडी को शिकायत करने वाले सचिन राघव ने बताया कि शत्रु संपत्ति के खसरा नंबरों में अब तक 250 से अधिक रजिस्ट्री हो चुकी हैं।

आखिर क्या है ये शत्रु सम्पत्ति

गृह मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार शत्रु संपत्ति में उस संपत्ति को शामिल किया जाता है जो 10 सितंबर 1965 से 26 सितंबर 1977 तक की अवधि में किसी शत्रु व्यक्ति या शत्रु कंपनी के नाप पर रही थीं। इन्हें शत्रु संपत्ति नियम 2015 के प्रावधानों के अनुसार शत्रु संपत्ति के रूप में माना जाता है। नियमों के विरुद्ध इस संपत्ति को बेचा गया।