ghaziabad breaking news: गाजियाबाद। यूपीएससी की परीक्षा में गाजियाबाद के युवाओं ने परचम लहराया है और जिले का नाम देश भर में रोशन किया है। गाजियाबाद की अलग-अलग कॉलोनियों के चार परीक्षार्थियों ने कड़ी मेहनत कर इस परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल की और अपने लिए नई राहें खोल ली हैं।

सिविल सर्विस में जाने के अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने रोजाना छह से 15 घंटे पढ़ाई की और बिना कोचिंग लिए यूपीएससी की कठिन परीक्षा को पास करने का लक्ष्य पूरा किया। वसुंधरा के अक्षत आयुष ने प्राइवेट नौकरी करते हुए दूसरे प्रयास में और इंदिरापुरम निवासी विक्रांत सिंह ने इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस की ट्रेनिंग करते-करते अपने तीसरे प्रयास में मुकाम को हासिल किया है। वहीं लैंडक्राफ्ट सोसायटी में रहने वाले अभिषेक व्यास ने इस परीक्षा को पास करने के लिए नामचीन कंपनी की नौकरी छोड़ दी।

अक्षत आयुष को दूसरे प्रयास में 106वीं रैंक :


वसुंधरा सेक्टर-छह की रिचमंड पार्क सोसायटी में रहने वाले अक्षत आयुष (24) को यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 106वीं रैंक हासिल हुई है। वह फिलहाल पैतृक गांव बिहार के मुंगेर गए हैं। भाई अमित सिद्धार्थ गुरुग्राम की निजी कंपनी में काम करते हैं जबकि उनकी पत्नी और अक्षत की भाभी डॉ. स्वाति दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। पिता विनय कुमार सीबीआई में पुलिस अधीक्षक हैं। अक्षत आयुष ने दूसरे प्रयास में यह रैंक हासिल की।

वह कोरोना काल में परीक्षा नहीं दे पाए थे। इससे पहले वर्ष में परीक्षा देकर अच्छी रैंक प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 2018 में राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके पहले वसंत विहार के चिन्मय विद्यालय से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। वर्ष 2020 में उनका चयन नहीं हुआ। भाई अमित के मुताबिक, अक्षत स्कूल की पढ़ाई के दौरान से ही यूपीएससी की तैयारी की बात कहते थे। इसके लिए वह रोजाना 12 से 15 घंटे की पढ़ाई करते थे। उन्होंने किसी से भी कोचिंग नहीं ली।

इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस के साथ की परीक्षा की तैयारी :


इंदिरापुरम के अभयखंड-दो स्थित आईएएस सोसायटी में रहने वाले विक्रांत कुमार सिंह को तीसरे प्रयास में देशभर में 526वीं रैंक मिली है। वर्ष 2019 में उनका इंडियन सिविल अकाउंट सर्विस में और अगले साल 2020 में इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस में चयन हुआ। वह शिमला में इसकी ट्रेनिंग कर रहे हैं। फिलहाल किसी काम से मुंबई गए हुए हैं। परिवार में पिता महेंद्र सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, जबकि मां मंजू सिंह गृहिणी हैं

और भाई प्रशांत कुमार इटावा में न्यायाधीश हैं। विक्रांत ने वर्ष 2021 में फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी थी। इस बार उनकी 526वीं रैंक आई है। वह मूलरूप से सहारनपुर के नकुड़ तहसील स्थित बिसनपुर गांव के हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने नोएडा से जेएसएस कॉलेज से कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया है। वर्ष 2019 से लगातार यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान वह सुबह और शाम को 3-3 घंटे पढ़ाई करते हैं। आगे वह कानून व्यवस्था पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने अखबार से परीक्षा के लिए नोट्स तैयार किए और 10 वर्ष के यूपीएससी परीक्षा प्रश्नपत्रों से अभ्यास किया।


यूपीएससी में अभिषेक व्यास हासिल की 629वीं रैंक


लैंडक्राफ्ट सोसायटी निवासी हैं अभिषेक, आईआईएम लखनऊ से मैनेजमेंट की डिग्री ली
पेटीएम सहित तीन नामी कंपनियों में काम करने के बाद 2018 में शुरू की तैयारी
गाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा-2021 के जारी हुए नतीजों में लैंडक्राफ्ट सोसायटी निवासी अभिषेक व्यास ने ऑल इंडिया 629वीं रैंक हासिल की है। अभिषेक ने तीसरे अवसर में यह सफलता हासिल की है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसआरसीसी कॉलेज से अर्थशास्त्र ऑनर्स और आईआईएम लखनऊ से पीजीडीएम की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक ने हॉट स्टार, पेटीएम जैसी नामी कंपनियों में करीब साढ़े तीन साल नौकरी की।

2018 में नौकरी छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की। अभिषेक ने सफलता का श्रेय रेलवे से सेवानिवृत्त अधिकारी एसके व्यास, मां देवकी व्यास, बड़ी बहन मीनाक्षी और स्वाति के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया। दोस्त हर्षित की मदद को भी सराहा। अभिषेक ने रोजाना आठ से 10 घंटे की सेल्फ स्टडी की। बिना कोचिंग के केवल टेस्ट सीरीज की मदद ली। उन्होंने प्रबंधन को अपना वैकल्पिक विषय चुना। उन्होंने विषयों को अच्छी तरह समझने, मानसिक रूप से तैयार होने, खेल व अन्य रुचि को अपनाने और सेल्फ स्टडी को सफलता का मंत्र बताया।

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