Gehraiyaan Review: कहानी में कोई रोमांच और ना किरदारों मैं दम

 Gehraiyaan Review: कहानी में कोई रोमांच और ना किरदारों मैं दम, सिर्फ दीपिका ने दिखाया असर

Gehraiyaan Review  :Ananya Panday, Deepika Padukone And Siddhant Chaturvedi actors Gehraiyaan Review n Hindi:

कभी-कभी कोई मूर्खता वाली बातें करता है तो उससे कहा जाता है कि शिकारपुर से है क्या क्या है उत्तर प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में भी शिकारपुर बहुत फेमस है एक बार कोई आदमी जा रहा था शिकारपुर में पहुंचते उसने कहा कि शिकारपुर के लोग मूर्ख क्यों होते हैं उन्हें मूर्ख क्यों कहा जाता है तभी एक आदमी सोच कर रहा था उसने सोचते हुए ही कहा और वह पीछे पीछे भागा कहा अब यहां पर मूर्ख नहीं रहते हैं उसने नहीं तो सोच लिया नहीं कपड़ों को ऊपर किया ऐसे ही पीछे पीछे भागने लगा अब गाड़ी में जाने वाला शख्स कहने लगा इसीलिए यहां को शिकारपुर कहा जाता है खेर ये तो मज़ाक है
Gehraiyaan फिल्म के डायरेक्टर और राइटर ने देश के लोगों को शिकारपुर का समझ लिया है या तो वह खुद शिकारपुर की है जो ऐसी स्टोरी को बनाया और लिखा गया है जिसका कुछ भी सार नहीं है
( Amazon Prime ) पर रिलीज होगी Gehraiyaan का टेलर देखकर लोगों को ऐसा लग रहा था जैसे फिल्म बहुत ही रंगीन और रोमांटिक हो सकती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था दर्शकों ने फिल्म को देखने के बाद यही बताया की अभी तक इससे ज्यादा फ्लॉप फिल्म हमने नहीं देखी है जिस तरह से इस फिल्म के ट्रेलर में कुछ अंतरंग दृश्य दिखाए गये थे बस वही है पूरी फिल्म मैं और कुछ Entertainment नहीं दिखाया जाता है

जो सभी ( Bollywood Movies ) मैं दिखाया जाता है जिसको देखकर दरसक बोर हो गये हैं वही सब दर्शकों को दिखाया गया है कुछ भी नया दिखाने की कोसिस नहीं कि गयी है।
( Deepika Padukone ) अपनी बोरिंग जिन्दगी से परेसान होकर (Dhairya Karwa) के साथ रहती है 8 साल से दोनों लिव इन रिलेशनशिप मैं ही रहते हैं और अपना घर भी नहीं है किराये का मकान है और पैसा भी नहीं होता है जब ही उसकी चचेरी बहन तान्या (Ananya Panday) और उसका मंगेतर (Siddhant Chaturvedi) अमेरिका मैं रहते हैं और अब वो बोम्बे आते हैं और वो दोनों ही अरबपति होते हैं जेन रियल इस्टेट की कंपनी चलाते हैं और अलीबाग मैं सेकड़ो करोड़ का प्रोजेक्ट तयार कर रहे होते हैं जिसको पूरी फिल्म मैं नहीं दिखाया गया है चारो लोग अलीबाग मैं कुछ समय बिताने जाते हैं वहां पर अलीशा और जैन एक-दूसरे के नजदीक आ जाते हैं और दोनों ही एक दूसरे को चुम्मन और कुछ अश्लील हरकतें करने लगते हैं इसी बीच अलीशा प्रेग्नेंट हो जाती है दूसरी तरफ जैन का बिजनेस डूबता रहता है अलीशा जैन का प्यार कितना सच्चा होगा और कितना झूठा बस इसी चीज पर कहानी बहुत स्लो स्लो आगे चलने लगती है

फिल्म में क्या है Entertainment

Gehraiyaan Review: कहानी में कोई रोमांच और

एंटरटेनमेंट के नाम पर फिल्म के अंदर ऐसा कुछ नहीं दिखाया गया है जिससे दर्शक आकर्षित हो सकें हर चीजों को नकली नकली तरीके से लोगों के सामने दिखाया जा रहा है किसी भी कैरेक्टर कि अगर तारीफ की जाए तो कोई भी तारीफ के काबिल नजर नहीं आ रहा है फिल्म का हीरो एकदम शांत नजर आया है जिसके बॉडी स्टाइल में कोई मोमेंट नहीं है एक्स्ट्रा कोई ऐसा दृश्य या कोई ऐसी बात फिल्म के अंदर नहीं दर्शाई गई है जिससे दर्शकों को आकर्षित कर सके अगर माना जाए तो सिर्फ ( Deepika Padukon को छोड़कर किसी का भी दृश्य कोई खास नहीं दिखाया गया है लेकिन इस फिल्म में दीपिका पादुकोण की तारीफ करनी पड़ेगी क्योंकि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी जान लगा दी है फिल्म को सही बनाने में

फिल्म के अंदर जब भी हीरो हीरोइन मिलते हैं तो बिना मतलब की बातें करते हैं जिसका कोई भी एंटरटेनमेंट नहीं होता है और दोनों ही सिर्फ शराब पीते हैं और फिल्म आराम आराम से बहुत ही स्लो स्पीड में चलती रहती है जिससे दर्शक बोरियत महसूस करना स्टार्ट कर देते हैं लेखक ना तो किरदारों में कोई जान डालने में सफल हुए हैं और नहीं किरदारों में कोई भी मोमेंट लाने की कोशिश की गई है जिसके द्वारा दर्शक उसको देखने जा सके दर्शकों के अंदर उत्सुकता पैदा हो सिर्फ दीपिका पादुकोण कर को देख कर ही ऐसा लगता है कि उन्होंने पूरी फिल्म अपने ऊपर ही अच्छी करने की कोशिश की गई है तारीफ करनी पड़ेगी दीपिका पादुकोण कर कि इस फिल्म में कि उन्होंने अपने आप को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश की है
बात करें(Siddhant Chaturvedi) की तो उन्होंने भी इस फिल्म में कुछ खास नहीं दिखाया है और ना ही अपने आप को बॉडी लैंग्वेज से ना ही अपने एंटरटेनमेंट से लोगों को आकर्षित कर पाए हैं

(Gehraiyaan Movie) फिल्में कैमरा शूट का रोल बहुत अच्छा दिखाया गया है यह बहुत अच्छी बात है लेकिन इस फिल्म को आप fast-forward में भी देख सकते हो जिस तरह से इस को बनाया गया है क्योंकि बहुत ही स्लो होने के कारण इस फिल्म में कुछ भी एंटरटेनमेंट नाम की कोई चीज रखी ही नहीं है
10 साल में निर्देशक  (Shakun Batra) की यह तीसरी फिल्म है जिसमें वह कोई जान डालने में कामयाब नहीं हो पाए हैं