ट्रेन में यात्रा करते समय

ट्रेन में यात्रा करते समय अगर आपका सामान चोरी हो जाता है तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है रेलवे देगा इसका मुआवजा: सामान चोरी होने के 6 महीने बाद भी अगर आपका सामान नहीं मिलता है और रेलवे आपको माउजर नहीं देती है तो आप उपभोक्ता फोरम में भी जाकर शिकायत कर सकते हैं इसी मुआवजे को लेकर हम आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें बताएंगे

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रेलवे में हर रोज लाखों लोग सफर करते हैं रेलवे एक ऐसा डिपार्टमेंट है जिसको भारत की कमाई का मुख्य स्रोत भी माना जाता है। वैसे तो हर रोज रेलवे यात्रियों की सुविधाओं के लिए नई नई नियम बनाता रहता है जिससे किसी भी यात्री को कोई परेशानी ना हो सके लेकिन फिर भी कभी ऐसा हो जाता है की यात्रा करते समय किसी यात्री का सामान चोरी हो जाए तो उसका जिम्मेदार भी रेलवे ही होता है को यात्री अपने सामान के मुआवजे के लिए शिकायत दर्ज कर सकता है लेकिन इस कानून के बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है इसीलिए लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।
अगर यात्रा करते समय किसी यात्री का सामान चोरी हो जाए तो आप अपने सामान के लिए रेलवे में शिकायत दर्ज करा सकते हैं और जब वह शिकायत दर्ज कराता है तो अगर रेलवे उसको 6 महीने के अंदर सामान वापस नहीं करती है या नहीं ढूंढ पाती है तो फिर वह उपभोक्ता फोरम में भी जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है।
आज हम आपको यात्रा के दौरान चोरी हुए सामान के मुआवजे के लिए शर्तें और नियम के बारे में बताते हैं।

सामान चोरी होने पर कैसे मिलता है मुआवजा।

सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था कि रेलवे में अगर किसी यात्री को यात्रा करते समय किसी का सामान चोरी हो जाता है तो वह रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस फोर्स के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है वहां पर एक फॉर्म भरना होगा उसके बाद उसकी शिकायत दर्ज हो जाती है और उसके बाद ही आप मुआवजा के हकदार होंगे उसके बाद उस सामान की कीमत का आकलन किया जाएगा इसके बाद आप उतने मुआवजे के हकदार बन जाएंगे अगर फॉर्म भरने के बाद 6 महीने के अंदर उसकी कोई सुनवाई नहीं होती है उसके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो यात्री अपनी शिकायत को उपभोक्ता फोरम में भी करा सकता है।

ऑपरेशन अमानत के नाम की मुहिम के द्वारा मिलता है मुआवजा

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ऑपरेशन अमानत नाम से एक मुहिम चला रखी है जैसे ही किसी यात्री का सामान खो जाता है और जब वह मिल जाता है तो रेलवे उस सामान की फोटो खींचकर अपनी ऑफिशियल वेबसाइट ( Official website ) पर डाल देता है जिन यात्रियों का सामान खो जाता है वह यात्री उस वेबसाइट पर जाकर उस फोटो को पहचान कर अपने सामान को प्राप्त कर सकते हैं।